देश जिसे सुनते-सुनते पक गया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार फिर लालकिले की प्राचीर वही विकसित भारत का राग अलापा। एक बात नई थी कि उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए हर किसी की राय ली जा रही है। लेकिन जो-जो राय उन्होंने गिनाई, उनमें कहीं से भी यह राय नहीं थी कि विकसित भारत के लिए करोड़ों बेरोज़गारों को अच्छा-खासा काम देने की ज़रूरत है। उसमें यह भी नहीं था कि करोड़ों किसानोंऔरऔर भी