देशी-विदेशी कॉरपोरेट क्षेत्र का एक ही सूत्र और मंत्र है अपना मुनाफा अधिकतम करते जाना। इसी पर उनका समूचा वजूद टिका है। मुनाफा घटता जाए तो वे एक दिन हाथ खड़ाकर दीवालिया हो जाते हैं। फिर भी वित्त मंत्री उन पर कृपा बरसाने से बाज़ नहीं आ रहीं। साथ ही देश को झांसा देती जा रही हैं कि देशी-विदेशी कंपनियों पर जितनी कृपा बरसेगी, वे उतना ही निवेश करेंगी और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। लेकिनऔरऔर भी