भयंकर प्रतिकूलताओं से उभरती आशा
2022-12-30
शेयर बाज़ार में साल 2022 की ट्रेडिंग का अंतिम दिन। वैसे यह साल ऐतिहासिक चुनौतियों से भरा साल रहा। विश्व स्तर पर 50 सालों की सबसे ज्यादा मुद्रास्फीति। लगभग 40 सालों में ब्याज दरें बढ़ाने का सबसे ज्यादा कठिन कठोर सिलसिला। 20 सालों में अमेरिकी डॉलर की सबसे ज्यादा मजबूती और दुनिया की तमाम मुद्राओं की हालत उसके आगे खराब होते जाना। साथ ही दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में 45 सालों से ज्यादा अवधिऔरऔर भी


