शेयर बाज़ार में निवेश व ट्रेडिग के रिस्क को जड़ से नहीं मिटाया जा सकता। मिट गया तो यहां निवेश करना सरकारी बॉन्डों में धन लगाने जैसा हो जाएगा। लेकिन रिस्क कम हो जाने से रिटर्न भी कम हो जाएगा। हां, शेयर बाज़ार के रिस्क को कम से कम ज़रूर किया जा सकता है। साफ समझ बना लें कि रिस्क ऐसा दुश्मन है जो कभी सामने से नहीं, हमेशा पीछे से वार करता है। वो खुलकर नहीं,औरऔर भी