दो साल से कोरोना ने जितने लोगों को संक्रमित किया, जितने लोगों की जान ली, उससे कई-कई गुना ज्यादा लोग काम-धंधे के ठप हो जाने, नौकरी चले जाने या वेतन घटा दिए जाने से परेशान हैं। मेरा एक परिचित नौजवान पहले एनजीओ में नौकरी करता था। करीब साल भर पहले उसकी नौकरी चली गई तो उसने बेसब्री से पूछा कि क्या मैं शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग से अपना घर-परिवार नहीं चला सकता? इस वक्त देश में ऐसेऔरऔर भी