आम लोग लालच में पड़कर क्रिप्टो ट्रेडिंग की ओर दौड़ सकते हैं। लेकिन हमारी सरकार आम लोगों को क्यों आत्मघाती किस्म का सटोरिया बनाना चाहती है? आखिर क्यों उसने क्रिप्टो से होनेवाली कमाई पर 30% टैक्स लगाकर इसे मान्यता दे दी? गौर करने की बात है कि इसके भाव सिर्फ लालच से उपजी मांग से तय होते हैं। बाकी इसका कोई आधार नहीं। दुनिया भर में कहीं इसका कोई इसका नियंत्रक नहीं। फिर हमारी वित्त मंत्री नेऔरऔर भी