ट्रेडर का दिमाग जितना शांत व खुला रहेगा, वह उतना ही बारीकी से सामनेवालों के स्वभाव व बर्ताव का पैटर्न देख पाएगा। किस तरह के ट्रेडर सुबह भाव खोलते हैं और कौन-से ट्रेडर शाम को बंद करते हैं, बीच में दोपहर के समय लंच के दौरान कैसे ट्रेडर चांदी काटते हैं, डे-ट्रेडरों की क्या भूमिका है, देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों की क्या सक्रियता है – ऐसे बहुतेरे तथ्यों पर हमें पैनी नज़र रखनी होती है। देखना पड़ता हैऔरऔर भी