ज़ोमैटो को पिछले तीन साल से लगातार करोड़ों का घाटा हो रहा है। लेकिन 15 दिन पहले उसका आईपीओ 76 रुपए पर आया तो 38.25 गुना सब्सक्राइब हुआ। लिस्टिंग लगभग 182% ऊपर 138 रुपए पर हुई और अब भी ज्यादा टूटा नहीं है। लेकिन दुनिया के स्तर पर देखें तो फूड डिलीवरी से लेकर जगह किराए पर देने या टैक्सी सेवा देनेवाली कंपनियों ने लिस्टिंग पर भले ही कमाल दिखाया हो, बाद में चमक फीकी पड़ गई।औरऔर भी