जान-बूझकर बैंकों का लोन न लौटानेवाले मोदीराज में बराबर मनबढ़ होते जा रहे हैं। चालू वित्त वर्ष 202-21 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) में देश के सबसे बड़े आठ बैंकों के ऐसे लोन 37,000 करोड़ रुपए बढ़ गए हैं, जबकि पिछले साल के इन्हीं छह महीनों में उनके ऐसे लोन लगभग 10,000 करोड़ रुपए बढ़े थे। इस तरह साल भर पहले की तुलना में ऐसे लोन 270 प्रतिशत बढ़ गए हैं। यह सच देश में लोनऔरऔर भी

हर कोई यही बोल रहा है कि शेयर बाज़ार में तेज़ गिरावट आ सकती है। लेकिन जानकारों के मुताबिक, इस महीने ऐसा होने की आशंका बहुत कम है। दरअसल, दिसंबर में म्यूचुअल फंड से लेकर विदेशी निवेशक तक मुनाफा समेटने में व्यस्त रहते हैं। एफआईआई की दिलचस्पी धीरे-धीरे बाज़ार की ट्रेडिंग या निवेश में घटती रही है। उनकी नज़र क्रिसमस की छुट्टियों पर है। वे नए साल में जनवरी से ही सक्रियता बढ़ाएंगे। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी