दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सर्व-स्वीकृत मुद्रा डॉलर का देश होने के कारण अमेरिका हमारे लिए बहुत खास है। साथ ही बाइडन की जीत और ट्रम्प की हार ने दिखा दिया कि झूठ की उम्र बड़ी छोटी होती है। झूठों के सरताज़ ट्रम्प आखिरी समय तक झूठ बोलते रहे, लेकिन टांय-टांय फिस। इसी तरह ट्रेडिंग में भले ही झूठ चल जाए, लेकिन लंबे निवेश में हमेशा सच ही चलता है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

आप शेयर बाज़ार की ट्रेडिंग से अपना और घर-बार का ठीकठाक गुजारा करना चाहते हैं तो महीने में औसतन एक लाख रुपए कमाने होंगे। इस पर बिजनेस का टैक्स भी लगेगा। महीने में 20 दिन ट्रेडिंग तो ऐसे हर दिन आपको 5000 रुपए कमाने होंगे। लेकिन हर दिन इतना कमा नहीं सकते। कभी घाटा, कभी फायदा। इसलिए दिन में कई बार सौदे काटने और करने पड़ेंगे तो निफ्टी या बैंक निफ्टी नहीं जमेंगे। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

अगर आपका रिस्क-प्रोफाइल कमज़ोर और ट्रेडिंग पूंजी भी कम है तो केवल स्टॉक्स के कैश सेगमेंट में ट्रेड करें। न स्टॉक्स डेरिवेरिव्स में जाएं और न ही निफ्टी या बैंक निफ्टी के फ्यूचर्स व ऑप्शंस को हाथ लगाएं। कारण यह कि फ्यूचर्स में लॉट बड़ा होने के कारण ज्यादा पूंजी लगती है, जबकि ऑप्शंस का चक्कर इतना जटिल है कि बिना समझे उतरेंगे तो वह धीरे-धीरे बतौर प्रीमियम आपकी सारी पूंजी निगल जाएगा। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी

अपनी श्रेणी समझने का मतलब कि आपका रिस्क प्रोफाइल क्या है? आप कितनी पूंजी गंवाकर भी पस्त नहीं होंगे और आपके पास ट्रेडिंग के लिए इफरात पूंजी बची रहेगी। रिस्क क्षमता कम है तो आपको कम उछल-कूद या बीटा वाले स्टॉक्स चुनने होंगे। सेंसेक्स व निफ्टी का बीटा एक होता है। किसी स्टॉक का बीटा एक से कम तो उसका रिस्क बाज़ार से कम। एक से ज्यादा तो उसका रिस्क बाज़ार से ज्यादा। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग के किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले यह तय करें कि आप किस श्रेणी या टाइप के ट्रेडर हैं। आपका माइंडसेट क्या है, कमाने का नज़रिया क्या है और आपकी विशेषताएं या दक्षताएं क्या हैं? अगर आपको अपनी श्रेणी का भान नहीं है और आप किसी दूसरे के अंदाज़ में ट्रेडिंग करना चाहेंगे तो तय मानिए कि आप नाकाम होने और अपनी ट्रेडिंग पूंजी गंवा देने को अभिशप्त हैं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी