खेल बाज़ार के सच और अपनी सोच का!
2020-11-15
कोई शेयर आगे कहां तक जाएगा, कब तक जाएगा, इसको लेकर ट्रेडर, दीर्घकालिक निवेशक या यूं ही दांव लगा रहे सटोरिये की धारणा या गणना अलग-अलग होती है क्योंकि धन लगाने की इनकी समयसीमा भिन्न होती है। बाज़ार का सच अगर इनकी सोच से मेल खा जाए या आगे निकल जाए तो फायदा ही फायदा, अन्यथा घाटा। सारा खेल वर्तमान के सच और भविष्य की सोच व सच के अंतर का है। अब तथास्तु में आज कीऔरऔर भी


