अगर आपका रिस्क-प्रोफाइल कमज़ोर और ट्रेडिंग पूंजी भी कम है तो केवल स्टॉक्स के कैश सेगमेंट में ट्रेड करें। न स्टॉक्स डेरिवेरिव्स में जाएं और न ही निफ्टी या बैंक निफ्टी के फ्यूचर्स व ऑप्शंस को हाथ लगाएं। कारण यह कि फ्यूचर्स में लॉट बड़ा होने के कारण ज्यादा पूंजी लगती है, जबकि ऑप्शंस का चक्कर इतना जटिल है कि बिना समझे उतरेंगे तो वह धीरे-धीरे बतौर प्रीमियम आपकी सारी पूंजी निगल जाएगा। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी