छह साल से मोदी सरकार का एक सूत्रीय कार्यक्रम रहा है ज्यादा से ज्यादा टैक्स जुटाना। नोटबंदी से लेकर बिना तैयारी के जीएसटी लागू करने के पीछे मूल मकसद यही रहा है। घोटाले और बैंक फ्रॉड रुक जाएं, यह उसकी प्राथमिकता नहीं है। लेकिन मध्यवर्ग व व्यापारी तबके से वह टैक्स वसूलने का कोई मौका नहीं चूकती। कोरोना संकटकाल में भी प्रीमियम से लेकर डीमैट खातों तक पर उसकी वक्री-दृष्टि लगी हुई है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी