अभी तक व्यवस्था थी कि जब तक खरीदे गए शेयर आपके डीमैट खाते में नहीं आते, तब तक आप उन्हें बेच नहीं सकते थे। लेकिन नई व्यवस्था में अगले ही दिन उन्हें बेच सकते हैं, भले ही वो डीमैट खाते में नहीं आए हों। कुछ ब्रोकर सहूलियत दे रहे हैं कि शेयर-बिक्री की रकम आपके खाते में न आने पर भी आप उससे कैश या डेरिवेटिव सेगमेंट में नई पोजिशन ले सकते हैं। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी