विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अगले 12-24 महीनों में ज्यादा रिटर्न की शीर्ष सूची में चीन के साथ भारत को भी रखा है। उनके मुताबिक भारतीय शेयर बाज़ार दुनिया के सबसे ज्यादा बढ़ सकने वाले बाज़ारों में शुमार है। वे भारत की अर्थव्यवस्था के उद्धार के लिए नहीं आ रहे। उनका सीधा मकसद यहां बन रहे मूल्य से मुनाफा खींचना है। वे अंधा सटोरिया निवेश नहीं करते, बल्कि मूल्यवान कपनियों पर दांव लगाते हैं। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी