ज्यादा मुनाफे के मौके सूंघते उस्ताद
2020-09-07
यूं तो हर दिन बाज़ार में खरीदे और बेचे गए शेयरों की संख्या बराबर होती है। लेकिन खरीदने और बेचनवालों की संख्या भिन्न हो सकती है। इसमें भी अगर खरीदने का जोर ज्यादा तो शेयर के भाव बढ़ते हैं और बेचने का ज़ोर ज्यादा तो शेयर गिरते हैं। खरीदनेवालों की ज़मात किस दिन, किस ओर मुड़ जाए, पहले से इसका कोई पता नहीं रहता। वे ज्यादा मुनाफे के मौके सूंघते फिरते रहते हैं। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

