साल भर पहले एनएसई में शेयरों में हो रही ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों का हिस्सा 38% हुआ करता था। इधर नए निवेशकों के जुड़ने पर इसमें शायद इजाफा हो गया होगा। मुश्किल यह है कि नए आगंतुक समझदारी या विश्लेषण से मूल्य की तलाश में निकले दीर्घकालिक निवेशक नहीं, बल्कि डे-ट्रेडिंग, मार्जिन ट्रेडिंग और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में खेलनेवाले 25-30 या 35 साल तक के लोग हैं जिन्हें गेमिंग मे मज़ा आता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी