शेयर बाज़ार पर भले ही सेबी का नियमन चले, वो स्टॉक एक्सचेंजों के नियमों के अधीन काम करे, लेकिन उसकी चाल पर न तो सरकार का कोई नियंत्रण है और न ही रिजर्व बैंक का। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास तक मानते हैं कि शेयर बाज़ार की तेज़ी और अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति में कोई रिश्ता नहीं। भारत ही नहीं, दुनिया भर में अतिरिक्त धन का प्रवाह बाज़ार को चढ़ाए हुए है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी