शेयरों में दीर्घकालिक निवेश बैक एफडी या प्रॉपर्टी में धन लगाने जैसा काम है। लेकिन शेयर बाज़ार में की गई ट्रेडिंग विशुद्ध बिजनेस है। इस पर टैक्स-निर्धारण भी उसी हिसाब से होता है। निवेश में धन लगाकर हम सालों तक के लिए भूल सकते हैं। लेकिन वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग में किसी भी बिजनेस की तरह पल-पल की हलचलों पर ध्यान देना पड़ता है। स्टॉप-लॉस में गया धन इस बिजनेस की लागत है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी