धोखा है दनादन धन का खुला बाज़ार
2020-08-03
अगर अपने यहां कमाने के अच्छे अवसर होते तो हर पांच-दस साल पर घोटालों से घिरे शेयर बाज़ार में इतने-सारे लोग ट्रेडिंग से कमाने की दौड़ नहीं लगाते। महाराष्ट्र व गुजरात में तो लोगबाग पतंगों की तरह शेयर बाज़ार की आग में कूदते हैं, यह भूलकर कि उनसे पहले अधिकांश आम लोग इसमें अपनी जमा-पूंजी स्वाहा कर बैठे हैं। उनको लगता है कि यह धन की खुली खिड़की/बाज़ार है, हाथ डालो और निकालो। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

