ट्रेडिंग के लिए शेयरों के भावों को कम से कम तीन टाइमफ्रेम में देखना पड़ता है। तभी वह सही दिन सही स्टॉक का चुनाव और उसमें एंट्री, एक्जिट और स्टॉप-लॉस का निर्धारण कर सकता है। इस तरह उसे रोज़ाना 80 स्टॉक्स के 240 चार्ट देखने पड़ेंगे। उसके बाद भी उसे प्रायिकता से दो-दो हाथ करना पड़ता है क्योंकि पीछे की सारी नाप-जोख और गिनती के बावजूद कोई गारंटी नहीं कि ट्रेड सही बैठेगा। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी