ऊपर-ऊपर दिखते हैं शेयरों के भाव। लेकिन उनके पीछे होती है अदृश्य हाथों की सम्मिलित व सामूहिक ताकत। भावों के पैटर्न से हम शेयरों का स्वभाव जान सकते हैं। लेकिन शेयरों का स्वभाव उन लोगों से बनता है जो अपने स्वभाव से उन कंपनियों व स्टॉक्स की तरफ खिंचे चले जाते हैं और नियमित रूप से उन्हीं में ट्रेड करते हैं। हमेशा याद रखें कि शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग धनवानों का खेल है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी