दस दिन पहले तक लग रहा था कि कोरोना की महामारी और अर्थव्यवस्था की डूबती नब्ज अपने साथ शेयर बाज़ार को डुबा ले जाएगी। लेकिन अब तो शेयर बाजार फिर से बम-बम करने लगा है। एक तरफ अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक तलहटी पर पहुचती दिख रही है, दूसरी तरफ शेयर बाज़ार ऐतिहासिक चोटी से महज 20% दूर है। मगर याद रहे कि यह किसी आशा नहीं, बल्कि मुनाफा खोजने निकले मुक्त धन का प्रताप है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी