डिफेंस जैसे संवेदनशील क्षेत्र में विदेशी कंपनियों कों 74% मालिकाना देकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने का दावा करना मात्र एक सब्ज़बाग है। भारत को अपने प्राकृतिक, मानव व ऐतिहासिक संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल और घरों के सोने व मंदिरों की अकूत संपदा में फंसी अनुत्पादक पूंजी को निकालकर ही आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। भारत में ज़मीन से उठे ब्रांडों को भी उभारना पड़ेगा। आज तथास्तु में पेश है एक ऐसे ही मजबूत ब्रांड से जुड़ी कंपनी…औरऔर भी

मई के डेरिवेटिव सौदों की एक्सपायरी कल महीने के अंतिम गुरुवार को पूरी हो गई। नतीजा आ चुका है यह देखने का कि हफ्ते भर पहले 21 मई को निफ्टी ऑप्शन में ट्रेडिंग की जो तीन रणनीतियां हमने अपनाई थीं, वे कितनी कामयाब रहीं, उन्होंने कितना कमाया या गंवाया है और उनका रिटर्न कितना रहा है? इसी के आधार पर हम समझ पाएंगे कि इन्हें अपनाने में क्या-क्या दूसरी सावधानियां बरती जानी चाहिए थीं। 21 मई 2020औरऔर भी

शेयर बाज़ार में लिस्टेड अधिकांश कंपनियों के लिए 23 और 24 मार्च 2020 यादगार तारीख बन गई है क्योंकि कोरोना के कहर के बीच उस दिन उनके शेयरों ने ऐतिहासिक तलहटी पकड़ ली थी। लेकिन बहुतेरी कंपनियां इस कहर से अछूती रहीं जिनमें से ज्यादातर नेस्ले व हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी बहुराष्ट्रीय एफएमसीजी कंपनियां हैं। हालांकि कुछ देशी कंपनियां भी इस मार से बची रहीं। तथास्तु में पेश है आज नामी ब्रांड वाली ऐसी ही एक देशी कंपनी…औरऔर भी