कोरोना के कहर ने शेयर बाज़ार के गुब्बारे की हवा निकाल दी। तमाम शेयर अब अपनी औकात, यानी अंतर्निहित मूल्य पर आ चुके हैं। शायद यही वजह है कि आम भारतीय निवेशकों का रुझान शेयर बाज़ार की तरफ दोबारा तेज़ी से बढ़ने लगा है। लेकिन अब भी हालत ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’ वाली है। बाज़ार एक बार फिर गोता लगा सकता है। इसलिए मजबूत कंपनियों में ही वाजिब भाव पर निवेश करना चाहिए। अब आज का तथास्तु…औरऔर भी