ऑप्शंस के भाव कभी शेयरों की तरह नहीं चलते कि मांग सप्लाई से ज्यादा हुई तो बढ़ गए और मांग सप्लाई से कम हुई तो घट गए। ये तो महज छाया हैं कैश-सेगमेंट में शेयरों की चाल की। वह भी महीने भर या सप्ताह का चक्र है। जिस तरह दिख रहे चंद्रमा का आकार अमावस्या और पूर्णिमा के बीच बदलता रहता है, कुछ-कुछ वैसी ही गति ऑप्शंस भावों की होती है। हमें कैश-सेगमेंट में शेयरों और डेरिवेटिव्सऔरऔर भी