कहा जा सकता है कि शेयर बाज़ार पूरी अर्थव्यवस्था का नहीं, बल्कि कॉरपोरेट क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है, वह भी केवल ढाई-तीन हज़ार लिस्टेड कंपनियो का। इसमें भी जिन शीर्ष सूचकांकों से हम बाज़ार की स्थिति मापते हैं, उनमें तो 30 से लेकर 50 कंपनियां ही शामिल हैं। इनके शेयर चढ़ रहे हैं तो शेयर बाज़ार चढ़ता दिखाई देता है, जबकि बाकी छोटी व मझोली कंपनियों के शेयर डूबते ही जा रहे हैं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी