वित्तीय बाज़ार की ट्रेडिंग से नियमित कमाना है तो बिजनेस चैनल देखने की आदत छोड़नी पड़ेगी। किसी स्टॉक में ट्रेडिंग के लिए रिटेल ट्रेडर को जितनी जानकारी चाहिए, वह उसके भावों में जज्ब होती है। इनसाइडर या अंदरूनी सूचनाओं पर आधारित ट्रेडिंग को छोड़ दें तो संस्थाएं भी भावों और उसके पीछे के मनोविज्ञान को समझ ट्रेड करती है। हम भी इस मनोविज्ञान को समझ लें तो बाज़ार से बराबर कमा सकते हैं। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी