रैखिक नहीं भावनाओं का समीकरण
2019-12-09
शेयर बाज़ार का स्वरूप गणितीय है। लेकिन वहां हर पल काम करनेवाली मानव भावनाएं अक्सर सारा गणित फेल कर देती हैं। कहने का मतलब यह नहीं कि भावनाओं का कोई गणित या समीकरण नहीं होता। डर और लालच की भावना का तो सीधा गणित होता है। लेकिन जब ये शेयर बाज़ार में काम करती हैं, जहां आज एक नहीं, अनेक देशों के लाखों ट्रेडर सक्रिय होते हैं तो समीकरण रैखिक नहीं रह जाता। अब सोमवार का व्योम…और भीऔर भी

