चाहतों से नहीं चलता है बाज़ार
2019-12-08
न जीवन और न ही बाज़ार में हमेशा मनचाहा होता है। सभी चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़े। लेकिन लगातार सात तिमाहियों से उसकी विकास दर घटती जा रही है। उम्मीद थी कि रिजर्व बैंक विकास को बढ़ाने के लिए ब्याज घटा देगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हर कोई चाहता है कि जिन शेयरों में उसने धन लगाया है, वे बराबर बढ़ते रहें। लेकिन ऐसा नहीं होता। निवेश की इस हकीकत के बीच एक और कंपनी…औरऔर भी


