भारतीय अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने और आगे इसकी हालत बिगड़ते जाने की आशंका कतई निराधार नहीं है। मगर भारत की सुदीर्घ विकासगाथा का अंत अभी नहीं हुआ है और न ही अगले 10-15 सालों में होगा। हमारे यहां इतनी तगड़ी उद्यमशीलता है कि उसे अगर माकूल सरकारी नीतियों का साथ मिल जाए तो भारत 10 साल में चीन के समकक्ष और 15 साल में उससे भी आगे निकल सकता है। यह होकर रहेगा। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी