लोगों की बचत घटी, देनदारियां बढ़ीं
इधर कई सालों से मुद्रास्फीति कम चल रही है। इससे आम लोगों की बचत बढ़नी चाहिए थी। लेकिन हाउसहोल्ड बचत बीते दस साल में जीडीपी के 23.6% से घटकर 17.2% पर आ गई, जबकि इनकी देनदारियां बेतहाशा बढ़ गई हैं। लोगबाग कर्ज लेकर अपनी खपत का इंतज़ाम कर रहे हैं। 2015-16 से 2017-18 तक के मात्र दो साल में उनका कर्ज 3.85 लाख करोड़ से लगभग दोगुना 7.41 लाख करोड़ रुपए हो गया। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी





