शंख कितनी भी जोर से बजा लिया जाए, पर ‘अश्वत्थामा हतो, नरो वा कुंजरो वा’ का सच अब छिपाना संभव नहीं है। राहुल बजाज से लेकर लार्सन एंड टुब्रो के चेयरमैन ए.एम. नाइक और एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख तक चेताने लगे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था धीमेपन का शिकार हो चुकी है। अर्थव्यवस्था के विकास को लेकर विश्वास डगमगा गया है। बैंक उधार देने से हिचक रहे हैं और सुरक्षित चलना चाहते हैं। अब सोम का व्योम…औरऔर भी