जब टाटा स्टील से लेकर मारुति सुज़ुकी जैसे स्टॉक्स 52 हफ्ते की तलहटी पर टहल रहे हों, तब शेयर बाज़ार को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है। यह भी चिंता की बात है कि शेयर गिर जाने के बाद दोबारा पुराना शिखर नहीं पकड़ पाते। अगर इसकी खास वजह कंपनी के बिजनेस मॉडल का अप्रासंगिक हो जाना हो, तब बात अलग है। अन्यथा, उनके उठने की संभावना तो बनी ही रहती है। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी