अनुशासन छोड़ा तो डुबो देगी चंचलता
जो ट्रेडर स्टॉक या इंडेक्स फ्यूचर्स में काम करते हैं, उनके लिए वीआईएक्स सूचकांक का कम रहना बड़े धीरज की मांग करता है क्योंकि ऐसे माहौल में उठने और गिरने के बीच का मार्जिन अमूमन थोड़ा होता है। ऐसे में कुशल ट्रेडर अनुशासन की डगर नहीं छोड़ता। वहीं, जो ट्रेडर अनुशासन का पालन नहीं करते, उन्हें बाज़ार की चंचलता डुबो डालती है। डर और अनिश्चितता के बीच भावनाओं में बह जाना आत्मघाती है। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी
बाज़ार गिरा तो गिरता ही चला गया!
साल 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान अमेरिका का S&P-500 सूचकांक 50% से ज्यादा गिर चुका था। उस समय वहां का वीआईएक्स सूचकांक सारे पुराने शिखरों को तोड़ते हुए 24 अक्टूबर 2008 को 89.53 पर पहुंच गया। फिर भी बाज़ार का गिरना नहीं रुका और वो 9 मार्च 2009 तक गिरता ही रहा। इसलिए यह गलत धारणा है कि वीआईएक्स सूचकांक के 40 तक पहुंच जाने के बाद बाज़ार उठने लगता है। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी
गलत धारणाएं चंचलता सूचकांक पर
वीआईएक्स सूचकांक की अहमियत बहुत कम लोग समझते हैं। जो समझते भी हैं, वे गलत समझते हैं। मसलन, इसको लेकर गलत धारणा यह है कि इसके कम रहने पर बाज़ार में भारी बिकवाली आ सकती है। वहीं, इसका 40 से ज्यादा होना दिखाता है कि बाज़ार तलहटी पकड़ चुका है और अब ज्यादा नहीं गिर सकता। दुनिया में नब्बे के दशक से अब तक का अनुभव उक्त धारणा को गलत साबित करता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
वीआईएक्स 40 से ऊपर तो कोहराम!
इंडिया वीआईएक्स सूचकांक का स्तर अपने यहां पिछले 52 हफ्तों में 24.03 से 9.43 के बीच डोलता रहा है। फिलहाल यह 15 से 18 के बीच चल रहा है। वीआईएक्स असल में शिकागो बोर्ड ऑप्शंस एक्सचेंज का ट्रेडमार्क है और उसी से एनएसई ने इसे इस्तेमाल करने का लाइसेंस लिया है। अगर यह सूचकांक 40 के ऊपर चला जाए तो जबरदस्त बिकवाली चलती है और पुट ऑप्शंस का प्रीमियम बहुत बढ़ जाता है। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी
कितना इंडिया वीआईएक्स होता सही
शेयर बाज़ार जब गिर रहा होता है, तब पुट ऑप्शंस की मांग बढ़ जाती है। चूंकि उस दौरान कॉल ऑप्शंस (तय तारीख व तय भाव पर खरीदने का अधिकार) को खरीदनेवाले कम और पुट ऑप्शंस को खरीदनेवाले ज्यादा होते हैं, इसलिए इंडिया वीआईएक्स बढ़ जाता है। यह सूचकांक अगर 15 से नीचे रहे तो माना जाता है कि बाजार में एक तरह की स्थिरता व संतोष है, जबकि 25 तक जाना खतरनाक है। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी





