जमे हैं एलआईसी और म्यूचुअल फंड
हमारे शेयर बाज़ार में देशी संस्थाओं में दो सबसे खास नाम हैं एलआईसी और म्यूचुअल फंडों के। ताज़ा उपलब्ध आंकडों के मुताबिक 30 सितंबर 2018 के अंत में म्यूचुअल फंडों के पास बाज़ार में लगाने के लिए 22.04 लाख करोड़ रुपए थे। वहीं, रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक एलआईसी ने मार्च 2018 के अंत तक शेयर बाज़ार में 24.15 लाख करोड़ रुपए लगा रखे थे। इसके बाद यह आंकड़ा बढ़ा ही होगा। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी
संस्थाओं का खेल, चले नूराकुश्ती भी
व्यक्तियों से आगे बढ़ें तो शेयर बाज़ार असल में संस्थाओं का खेल है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई या एफआईआई) और देशी निवेशक संस्थाओं (डीआईआई) की बाज़ार में अहम भूमिका है। इसके कैश से लेकर डेरिवेटिव सेगमेंट तक में वे हर दिन हज़ारों करोड़ रुपए लगाते हैं। एक बेचता तो दूसरा खरीदता है। यह अलग बात है कि इस साल के शुरू से एफआईआई अमूमन बेच रहे हैं जबकि डीआईआई खरीद रहे हैं। अब देखें गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी
रिटेल हैं भूले-भटके अनजान मुसाफिर
सच कहें तो शेयर बाज़ार इफरात धनवाले अमीरों का क्लब है जिन्हें एचएनआई या हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स कहा जाता है। अकेले बीएसई में ये लोग हर दिन करीब 1000 करोड़ का धंधा करते हैं। खुद ब्रोकरेज हाउसों का धंधा प्रतिदिन 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का है। एनएसई में यह आंकड़ा इसका पांच से दस गुना होगा। इन सबके बीच रिटेल निवेशकों व ट्रेडरों की स्थिति सच्चाई से अनजान भूल-भटके मुसाफिर जैसी है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
बाज़ार बेपरवाह, लाखों हैं यहां धनवाले
देश में प्रति परिवार औसत आय 16,480 रुपए/माह है। हम प्रति व्यक्ति आय में दुनिया के 188 देशों में 140वें नंबर पर है। लेकिन अपने यहां अमेरिका व चीन के बाद सबसे ज्यादा 119 डॉलर अरबपति हैं। यहां इस समय 3.43 लाख लोग ऐसे हैं जिनके पास 7.28 करोड़ रुपए से ज्यादा दौलत है। इन लाखों भारतीयों के पास ज़रूरत से बहुत-बहुत ज्यादा धन है जिसका एक हिस्सा शेयर बाज़ार में आता होगा। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
कौन लगाते 4.50 लाख करोड़ दांव पर
हमारे शेयर बाज़ार में डिलीवरी आधारित कैश सेगमेंट में हर दिन 30,000 करोड़ रुपए का कारोबार, जबकि डेरिवेटिव सेगमेंट में हर दिन 4.15 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार। आखिर जिस देश में 22% लोग गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं और 80% लोग किसी तरह गुजारे लायक कमा पाते हैं, वहां आखिर कौन-से लोग हैं जो प्रतिदिन 4.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा शेयर बाज़ार में दांव पर लगा देते हैं? अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी





