हालात कितनी तेज़ी से बदलते हैं! छह महीने पहले तक शेयर बाज़ार चमाचम था। सभी निवेशक मस्त थे। लेकिन आज अधिकांश निवेशक रो रहे हैं। खासकर, स्मॉलकैप कंपनियों के निवेशक ज्यादा ही दुखी हैं। पिछले छह से नौ महीनों में इनके शेयरों को काफी चोट लगी है। इसकी खास वजह है कि इधर इनके धंधे पर भी मार लगी है। लेकिन यह चक्र टूटेगा। तथास्तु में आज ऐसी कंपनी जो इस चक्र को यकीनन तोड़ सकती है…औरऔर भी

शेयर बाज़ार कठिन दौर से गुजर रहा है। भारी अनिश्चितता है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम इसे और बढ़ा सकते हैं। शेयरों की चाल दिशाहीन है। मजबूत शेयर गिरने पर खरीदो तब भी गिर जाते हैं। ऐसे में ट्रेडिंग में कुछ दिन का विराम ज़रूरी हो गया। इसे देखते हुए सोमवार, 26 नवंबर से दस दिन की विपश्यना साधना पर जा रहा हूं। इसलिए अगला कॉलम सोमवार, 10 दिसंबर को आएगा। कल 25 नवंबर के बादऔरऔर भी