बहुतेरे लोगों को हाइटाइड में सर्फिंग करने में आनंद आता है। शेयर बाज़ार में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव होने पर कुछ ट्रेडर इंट्रा-डे से लेकर दो-चार दिन में हज़ारों पीट डालते हैं। हाल-फिलहाल तो हज़ारों ट्रेडर निफ्टी ऑप्शंस में ट्रेडिंग के अभ्यस्त हो चुके हैं और एक दिन में 20-25% से ज्यादा कमा लेते हैं। लेकिन ध्यान रहे, ये लोग या तो बहुत ज्यादा पूंजीवाले होते हैं या अभ्यास से उस्ताद बन चुके हैं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

शेयर बाज़ार में निवेश या ट्रेडिंग खुद में सबसे ज्यादा रिस्की है। लेकिन रिस्क को साधने के लिए लचीलापन बरतना ज़रूरी है। हर परिस्थिति में एक जैसा दांव काम नहीं आता। मसलन, इस समय बाज़ार में चंचलता बहुत बढ़ी हुई है। मारकाट मची है। ऐसे में ट्रेडिंग बहुत खतरनाक है। लेकिन इस तूफान में बहुत सारी अच्छी कंपनियों के शेयर ज़मीन पर आ गिरे हैं तो उनमें लंबा निवेश लाभकारी हो सकता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

अभी रिस्क व अनिश्चितता यकीनन बहुत है। पर इससे दूर क्यों भागना! आखिर रिस्क लेंगे तभी तो रिटर्न कमा पाएंगे। बाज़ार का पुख्ता और सीधा-सा नियम है कि आप जितना ज्यादा रिस्क लेंगे, उतना ही ज्यादा रिटर्न हासिल करेंगे। हमारा कहना है कि रिस्क लेने में कोई हर्ज नहीं। लेकिन यह रिस्क सुविचारित और अपनी सामर्थ्य के अनुरूप होना चाहिए। शेर से लड़ने जैसे रिस्क से क्या फायदा, जिसमें जान जानी तय है! अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी

बाज़ार में जितनी अनिश्चितता, उतना ही ज्यादा जोखिम। इस समय भीतरी और बाहरी कारकों की वजह से हमारे शेयर बाज़ार में जैसी अनिश्चितता छाई हुई है, उसमें महज पांच-दस लाख रुपए की पूंजी लेकर बाज़ार में उतरे रिटेल ट्रेडरों के लिए दूर से तमाशा देखना ही उचित है क्योंकि ज़रा-सा दांव उल्टा पड़ते ही उनकी सारी की सारी ट्रेडिंग पूंजी उड़ सकती है। और, पूंजी ही न रही तो ट्रेडिंग क्या खाक करेंगे! अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

जब तक हम शेयरों के भाव के पीछे भागेंगे, तब तक बाज़ार को नहीं पकड़ सकते। वहीं, अगर हम कंपनी के कामकाज व संभावना के आकलन के आधार पर उसके शेयर का अंतर्निहित मूल्य निकालें और उससे भाव की तुलना करें तो बाज़ार को अपनी मुठ्ठी में कर सकते हैं। इसलिए बाज़ार कहां जाएगा, इसका कयास लगाने के बजाय हमें शेयरों के अंतर्निहित मूल्य के आधार पर लंबा निवेश करना चाहिए। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी