अनिश्चितता है रिस्क, उलझे तो गए
2018-10-22
बाज़ार में जितनी अनिश्चितता, उतना ही ज्यादा जोखिम। इस समय भीतरी और बाहरी कारकों की वजह से हमारे शेयर बाज़ार में जैसी अनिश्चितता छाई हुई है, उसमें महज पांच-दस लाख रुपए की पूंजी लेकर बाज़ार में उतरे रिटेल ट्रेडरों के लिए दूर से तमाशा देखना ही उचित है क्योंकि ज़रा-सा दांव उल्टा पड़ते ही उनकी सारी की सारी ट्रेडिंग पूंजी उड़ सकती है। और, पूंजी ही न रही तो ट्रेडिंग क्या खाक करेंगे! अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी

