आम धारणा है कि शेयर बाज़ार में 95% ट्रेडर गंवाते और केवल 5% ट्रेडर कमाते हैं। लेकिन कड़वा सच यह है कि गंवाने वाले सभी रिटेल ट्रेडर हैं, जबकि कमाने वालों में प्रोफेशनल ट्रेडर, बैंक और देशी-विदेशी वित्तीय संस्थाएं शामिल हैं। रिटेल ट्रेडर अपने इस हश्र से तभी बच सकता है, जब वो संस्थाओं की शैली और राह अपना ले। इसके लिए उसे टेक्निकल से आगे बढ़ कर डिमांड-सप्लाई का सूत्र समझना होगा। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी