बराबर बढ़ते शेयर पर मन में संदेह कि आखिर वो कितना और बढ़ेगा। वहीं. बराबर गिरते शेयर को लेकर भरोसा कि आखिरकार वो कहां तक गिरेगा। रिटेल ट्रेडर इसी संदेह व भरोसे के बीच झूलते हैं और घाटा खाते हैं। वहीं, प्रोफेशनल ट्रेडर बराबर गिरते शेयरों को हाथ नहीं लगाते, जबकि अपट्रेन्ड वाले शेयरों को रिट्रेसमेंट या गिरने पर खरीद लेते हैं। दरअसल, गिरते शेयरों को ज़रा-सा बढ़ते ही बिकवाली दबा डालती है। अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी