कहां है उन्नीस पर बीस पड़ने का सूत्र
2018-08-09
नकारात्मक विचारों, मान्यताओं और भावनाओं की फांस से निकलकर जब आप जो जैसा है, उसे यथाभूत देखने में समर्थ हो जाते हो तो आपको अपने कर्म की कमियां खुद ही दिखने लग जाती हैं। तब प्रतिक्रिया करने के बजाय आप क्रिया को अधिक महत्व देते हो। दूसरों या हालात पर तोहमत लगाने के बजाय अपनी कमियों को दूर करने लगते हो ताकि बाज़ार की प्रतिस्पर्धा में आप हर उन्नीस पर बीस पड़ सकें। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

