बचपन के कुछ नकारात्मक अनुभव हमारा नजरिया बांध देते हैं। वे हमारी मान्यताओं व धारणाओं को नकारात्मक, अतार्किक व सीमित बना देते हैं। इनकी गांठें हमारे अवचेतन मन में कुंडली मारकर बैठ जाती हैं। किसी ने कह दिया कि तुम्हारी किस्मत बहुत खोटी है या तुम गणित में बहुत कमज़ोर हो। फिर उसका बोझा हम ढोने लगते हैं। मान बैठते हैं कि सफल ट्रेडर बनने के लिए किस्मत का धनी होना पड़ता है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी