बीते हफ्ते केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक और देना बैंक के नतीजों से पता चला कि इन चार सरकारी बैकों को मार्च तिमाही में 11,729 करोड़ रुपए का सम्मिलित घाटा लगा है। यही नहीं, बढ़ते एनपीए के चलते इस दौरान निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का शुद्ध लाभ 45% घट गया, जबकि एक्सिस बैंक को लिस्टिंग के बाद पहली बार शुद्ध घाटा हुआ, वो भी छोटा-मोटा नहीं, बल्कि 2188.7 करोड़ रुपए का। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी

शेयर बाजार मूलतः देश की औद्योगिक प्रगति का आईना है। लेकिन अपने यहां संस्थाओं व अमीरतम लोगों की मोटी रकम आने से बाज़ार कमज़ोर होती औद्योगिक स्थिति के बावजूद फूलकर कुप्पा हुआ पड़ा है। ताज़ा आंकड़ा आया है कि मार्च में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की वृद्धि दर घटकर 4.4% रह गई है, जबकि उससे पहले के चार महीनों की औसत दर 7.6% रही थी। यही नहीं, देश का निर्यात भी घट गया है। अब सोम का व्योम…औरऔर भी

अक्टूबर 2007 में चार लाख रुपए से बनाई गई कंपनी फ्लिपकार्ट का मूल्यांकन दस साल बाद 2000 करोड़ डॉलर (करीब 1.35 लाख करोड़ रुपए) हो जाता है, वो भी तब उसका पिछले साल उसका घाटा 68% बढ़कर 8771 करोड़ रुपए हो गया था। यह है नए बिजनेस में छिपी संभावना और उसके मूल्यांकन का एक दृष्टांत। पर, कुछ पुराने बिजनेस हैं जिनका दम हमेशा बना रहता है। आज तथास्तु में सौ साल से ज्यादा पुरानी कंपनी…और भीऔर भी

पहली अक्टूबर से हमारे प्रतिभूति बाज़ार में बड़े परिवर्तन होने जा रहे हैं। स्टॉक एक्सचेंजों को शेयरों के साथ ही कमोडिटी डेरिवेटिव में ट्रेडिंग की इजाजत दी जा चुकी है। इसके अलावा इक्विटी डेरिवेटिव की ट्रेडिंग का समय सुबह 9 बजे से शाम 3.30 बजे से बढ़ाकर मध्यरात्रि 11.55 बजे तक कर दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कमोडिटी डेरिवेटिव की ट्रेडिंग सुबह 10 बजे से रात 11.55 बजे तक हो रही है। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

डाउ सिद्धांत का नया रूप यह है कि शेयर बाज़ार में मार्क-अप, डिस्ट्रीब्यूशन और मार्क-डाउन के तीन दौर होते हैं। मार्क-अप में सबसे पहले समझदार निवेशक व कंपनियों के अंदर के लोग एंट्री लेते हैं। इसके बाद बैंक, वित्तीय संस्थाएं व प्रोफेशनल ट्रेडर घुसते हैं। म्यूचुअल फंड सबसे अंत में आते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन के दौर में रिटेल ट्रेडर घुसते हैं। मार्क-डाउन में समझदार सबसे पहले और म्यूचुअल फंड सबसे बाद में निकलते हैं। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी