शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग अनिश्चितता से दूर भागने नहीं, बल्कि उससे खेलने का बिजनेस है। यकीनन इस समय विदेश से लेकर देश तक में अनिश्चितता का आलम है। कच्चे तेल के दाम, रुपए की विनिमय दर और चालू व राजकोषीय घाटे समेत सारी अर्थव्यवस्था के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। सरकारी दावों पर यकीन करने में खतरा है क्योंकि उसके मंत्रियों का झूठ बोलना अपवाद नहीं, नियम है। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी