बड़ी कंपनियों ने धंधा किसी तरह संभाल लिया है। पर, छोटी कंपनियों की हालत खस्ता बनी हुई है। पिछले वित्त वर्ष 2016-17 में बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में शामिल कंपनियों का औसत इक्विटी पर रिटर्न मात्र 3% रहा था। इससे पिछले दो सालों में भी यह क्रमशः 2% और 3% रहा था। 2017-18 का हाल शायद ही कोई चमत्कार दिखाए। फिर भी बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 78.25 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी