खबरें बिगाड़ देती हैं सारा समीकरण
उलटा-सीधा खा-पी लिया तो शरीर का सारा रासायनिक संतुलन बिगड़ जाता और लयताल टूट जाती है। इसी तरह खबरें किसी स्टॉक का सारा पैटर्न बिगाड़ देती हैं। तब कोई गणित या समीकरण नहीं चलता। दुलकी चाल में चलता स्टॉक एकबारगी ऐसा फिसलता या उछलता है कि कोई पकड़ नहीं पाता। अपने यहां प्रमोटर या पहुंचवाले लोग रोक के बावजूद खबरों पर खेलते हैं। इसलिए हमें खबरों के दिन ट्रेडिंग से दूर रहना चाहिए। अब शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी
आशा में चढ़ते भाव, निराशा में दबते
ट्रेडिंग का मूल है भावों के उतार-चढ़ाव से कमाना। इसलिए दिमाग में स्पष्ट होना चाहिए कि शेयरों के भाव बढ़ते या गिरते क्यों हैं? अर्थव्यवस्था या कंपनी में बेहतरी की आशा है या जेब में जमकर नोट हों तो सभी खरीदना चाहते हैं। बेचनेवाले इस चाहत का फायदा उठाकर भाव चढ़ाते जाते हैं। वहीं, निराशा के आलम में हर कोई निकलना चाहता है तो जो भी दाम मिले, उस पर बेच डालता है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
उठते-गिरते भावों में रहता सारा ज्ञान
शेयरों के उठते-गिरते भावों, उनकी धड़कन और लय में सारा रहस्य छिपा है। लेकिन हम अपने मन में पहले से बैठी धारणाओं के चलते उसे पकड़ नहीं पाते। जब हम भावों की लय पर ध्यान लगाते हैं तो मन की धारणाएं पिघलने लगती हैं और उस शेयर का सच्चा स्वभाव हमें साफ-साफ दिखने लगता है। यही वह ज्ञान है जिसके आधार पर शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग से नियमित कमाई की जा सकती है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
लहरों की लय पर रहे निरंतर ध्यान
हमें उन्हीं शेयरों में ट्रेडिंग करनी चाहिए जिनमें अच्छा कारोबार होता है। ऐसे स्टॉक्स चुनने के लिए अलग से मशक्कत की जरूरत नहीं है क्योंकि स्टॉक एक्सचेंजों के सूचकांक में ऐसे स्टॉक्स ही रखे जाते हैं। अपने माफिक कुछ स्टॉक्स इनमें से चुन लें। फिर उनके साप्ताहिक व दैनिक भावों के चार्ट पर बराबर ध्यान देना शुरू कर दें। दो-चार टेक्निकल इंडीकेटरों की मदद से विश्लेषण करें। धीरे-धीरे लय पकड़ में आने लगेगी। अब मंगल की दृष्टि…औरऔर भी






