सस्ते धन का स्रोत सूखता जा रहा है
2018-02-14
बजट के बाद से हमारा शेयर बाज़ार जिस तरह रह-रहकर हिचकोले खा रहा है, वह सिलसिला आखिर कब तक चलेगा? क्या वह आगे और ज्यादा नहीं गिर सकता या भारतीय अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित ताकत उसे चढ़ाती जाएगी? इन सवालों का जवाब फौरन नहीं दिया जा सकता। उधर, साल 2008 के वित्तीय संकट के बाद विश्व बाज़ार में छोड़ी गई सस्ती पूंजी वापस खींची जा रही है। सस्ते धन का स्रोत सूख रहा है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

