रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2017-18 की छठी व आखिरी दोमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों को जस का तस रखा है। लेकिन आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.6% कर दिया और माना है कि अगले वित्त वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में रिटेल मुद्रास्फीति की दर 5.6% तक जा सकती है। बॉन्ड बाज़ार ने इसे शांति से लिया है और सरकारी बॉन्डों पर यील्ड कमोबेश अपरिवर्तित रही। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी