वित्त मंत्री जेटली ने बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगाते वक्त गिनाया था कि आकलन वर्ष 2017-18 (वित्त वर्ष 2016-17) में 3.67 लाख करोड़ रुपए की कमाई लिस्टेड शेयरों व यूनिटों से की गई। इसलिए इतनी बड़ी कमाई पर टैक्स लगाना ज़रूरी है। लेकिन क्या वे बताएंगे कि बजट के बाद से अब तक शेयर बाज़ार से 7.87 लाख करोड़ रुपए की जो पूंजी स्वाहा हो गई, उसकी भरपाई कौन करेगा? अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी